स्पीकर- जेफ स्मिथ
प्रोफाइल : प्रोफेसर, लेखक, राजनीतिक टिप्पणीकार और वकील।
TED पर अब तक 124,664 लोग सुन चुके हैं।
मैं चुनाव संबंधी कानून तोड़ने के लिए एक साल जेल में रहा। मेरे साथ
बीजे भी जेल में था। उसकी भविष्य को लेकर एक योजना थी। जब वह जेल से बाहर
आया, उसने महिलाओं की एक वेबसाइट लॉन्च की। आज वह वेबसाइट हिट है।
मैंने संघीय जेल में पहले हफ्ते में सीखा कि जो आप टीवी पर देखते हैं। असल में जेल वैसी नहीं होती।
वहां कुछ ऐसे कैदियों को देखा जिनकी सोच किसी कंपनी के सीईओ से कम
नहीं थी। मेरे साथ जेल में बंद 95 फीसदी कैदी जघन्य मामलों में लिप्त थे।
पर वे व्यवसाय संबंधी जो कॉन्सेप्ट बताते थे, जैसे कि वॉर्टन यूनिवर्सिटी
मेंएमबीए करने वाले प्रथम वर्ष के स्टूडेंट करते हैं।
जेल के अंदर वे अपने अच्छे दिनों की बात भी नहीं कर पाते। ज्यादातर
समय वे अपने अस्तित्व को बचाने में लगे रहते हैं। इसके लिए उन्हें ढेर सारे
पैसे खर्च करने पड़ते हैं। वे छोटी-छोटी वस्तुओं के लिए पैसे देते हैं।
इसके लिए उन्हें काम करना पड़ता है। मुझे ट्रक खाली करने का काम मिला था।
इस काम के लिए मुझे 275 रुपए प्रतिमाह मिलते थे। इतने रुपयों में जेल में
जीना बेहद कठिन है, जहां सारी सुविधाओं के लिए पैसे खर्चने पड़ते हैं। इतने
कम पैसों में जीवन जीने के लिए वे जेल में व्यवसाय चलाते। कोई अपने साथी
पर टैटू बनाता तो उन पर नई हेयर स्टाइल आजमाता। इसके बदले उन्हें मिलते
स्टैंप्स। यह स्टैंप्स ही जेल की करेंसी होती है।
जेल के अंदर लोग कम संसाधनों में अच्छा जीवन जीने का तरीका सीख जाते
हैं। मेरे लिए एक बड़ी सीख रही कि वे इस दौरान कैसे अपनी व्यावसायिक
योजनाओं को अमल में लाते हैं। हालांकि बाहर आने के बाद उन्हें कोई अच्छी
नौकरी या व्यवसाय करने का मौका नहीं मिल पाता। ज्यादातर कानून ऐसे हैं कि
उन्हें दिक्कत आती है।
मैंने अपनी जिदंगी का एक साल जेल में खराब कर दिया। पर जब मैं बाहर
आया तो सोचा कि जिन लोगों के साथ मैं जेल में समय बिता चुका हूं, उनका समय
दोबारा इस तरह से खराब न हो। इसलिए लोगों को जेल से बाहर आए कैदियों के साथ
अच्छा व्यवहार करना चाहिए। उन्हें समाज में आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए।
तभी वे नई व्यावसायिक योजनाओं को असल जिंदगी में क्रियान्वित कर सकेंगे।
अहिंसा के लिए गुस्से पर काबू करना जरूरी
स्पीकर- सेला एल्वर्थी
प्रोफाइल : संस्थापक ऑक्सफोर्ड रिसर्च ग्रुप। यूनेस्को में कंसल्टेंट रह चुकी हैं।
TED पर अब तक 2,97,416 लोग सुन चुके हैं।
आधी शताब्दी से युद्ध को रोकने के प्रयास में एक सवाल ने मेरा पीछा
नहीं छोड़ा। हम बिना बल का प्रयोग किए हिंसा का जवाब कैसे दे सकते हैं? जब
आप सीरिया की सड़कों पर हो रही निर्ममता या घरेलू हिंसा में बर्बरता को
देखते हैं तो उसे रोकने का प्रभावी तरीका क्या हो सकता है? उसका जवाब हिंसा
से दें? अधिक शक्ति का प्रयोग करें?
ये सवाल मेरे जेहन में तब से है, जब मैं बच्ची थी। मैं महज 13 साल की
थी तो मैंने एक दिन टीवी पर सोवियत टैंकों को बुडापेस्ट जाते हुए देखा।
मेरी उम्र के बच्चे टैंक के आगे कूद रहे थे। ये देखने के बाद मैं सीढ़ियां
चढ़कर ऊपर गई और अपना सूटकेस पैक करने लगी। मेरी मां ने पूछा क्या कर रही
हो। मैंने कहा मुझे बुडापेस्ट जाना है। वहां बच्चे मारे जा रहे हैं। वहां
कुछ भयानक हो रहा है। उन्होंने कहा कि तुम अभी उनकी मदद करने के लिए बहुत
छोटी हो। तुम्हें इसके लिए प्रशिक्षण लेने की जरूरत है।
तो मैंने इसका प्रशिक्षण लिया और 20 वर्ष की आयु में अफ्रीका में काम
करने गई। मगर, मैंने महसूस किया कि मुझे कुछ और जानने की जरूरत है, जो
ट्रेनिंग से नहीं मिलता। मैं समझना चाहती थी कि हिंसा, गुस्सा कैसे काम
करता है? मैंने पाया कि दबंग तीन तरीकों का प्रयोग करते हैं। वे धमकाने के
लिए राजनीतिक हिंसा, आतंकित करने के लिए शारीरिक हिंसा और लोगों को कमजोर
करने के लिए मानसिक या भावनात्मक हिंसा का प्रयोग करते हैं। बहुत कम मामलों
में हिंसा का जवाब हिंसा से देने से काम चलता है।
म्यांमार में लोकतंत्र समर्थक आंगसान सू ची मेरी हीरोइन हैं। वे रंगून
की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समूह का नेतृत्व कर रहीं थीं।
उनके सामने मशीनगन लिए सिपाही थे। सू ची के पीछे खड़े छात्रों से ज्यादा
सिपाही डरे थे, उनकी अंगुलियां कांप रहीं थीं। सू की ने छात्रों से बैठने
को कहा और वे खुद निडर होकर आगे बढ़ीं। उन्होंने सिपाही की बंदूक की नली
हाथ से नीचे कर दी। मैं अहिंसा पर विश्वास करती हूं और यह हर जगह काम करता
है। आम लोग वह कर सकते हैं, जो सू ची, महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला ने
किया।
मैंने हिंसा को अहिंसा से खत्म करने के छह से अधिक तरीकों की खोज की
है, जो काम करते हैं। खुद में बदलाव लाएं। ध्यान करें, आत्मज्ञान बढ़ाएं।
हम खुले दिल से गुस्से पर काबू पा सकते हैं और बिना हिंसा के विवाद खत्म कर
सकते हैं।
शनि के चांद पर पनप सकता है जीवन!
Bhaskar News | Dec 15, 2012, 00:55AM IST
प्रोफाइल : शनि पर भेजे गए कैसिनी मिशन की इमेज टीम लीडर।
TED पर अब तक 3,25,184 लोग सुन चुके हैं।
मैंने 2007 में शनि ग्रह पर हमारी खोज के बारे में बताया था। शनि ग्रह
की यात्रा पर भेजे गए अंतरिक्षयान कैसिनी ने शनि के छोटे चांद एनसेलेडस के
दक्षिणी छोर पर 2005 में अनियमित रूप से गर्म और भौगोलिक दृष्टि से सक्रिय
क्षेत्र पहली बार देखा। बाघ की धारियों जैसी दरारों वाला यह क्षेत्र
दक्षिणी ध्रुव के आर-पार जाता है। इसे हाल में 2008 के अंत में ही देखा
गया।
यह हैरतअंगेज खोज है। कैसिनी द्वारा ली गई तस्वीरों में दक्षिणी ध्रुव
की दरारों से फूट रहे ऊंचे फव्वारे दिखे। यहां पानी की बर्फ के सूक्ष्म
क्रिस्टल, जलवाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसे सरल कार्बनिक यौगिक
हैं। इससे लगता है कि इस चांद में ऐसा वातावरण है जो जीवन की उत्पत्ति के
पूर्व की रासायनिक अवस्था को प्रोत्साहित करता है। शायद जीवन की उपस्थिति
को भी।
हमने कैसिनी यान को इस चांद पर कई बार भेजा है, जो कई बार इन फव्वारों
के और निकट से गुजरा। इस प्रकार अब हमारे पास कुछ बहुत स्पष्ट गणनाएं हैं।
हमने यह पाया है कि इस चांद से निकल रहे कार्बनिक यौगिक असल में उनसे भी
जटिल हैं, जिनके बारे में हमने पहले बताया था। हालांकि, वे अमीनो एसिड नहीं
हैं।
अब हमें प्रोपेन, हाइड्रोजन सायनाइड, और फॉर्मएल्डिहाइड जैसी चीजें
यहां से मिल रही हैं। यहां पानी के सूक्ष्म क्रिस्टल ऐसे लग रहे हैं जैसे
वे नमकीन पानी की जमी बूंदें हैं। यह खोज बताती है कि ये फव्वारे चट्टानों
के संपर्क में हैं। और यह ऐसी परिस्थिति है, जिससे रासायनिक ऊर्जा की
आपूर्ति होती है और जीवन की उत्पत्ति में सहायक यौगिक बनते हैं। इस प्रकार
इन परिणामों से हम बहुत उत्साहित हैं।
हम अधिक आश्वस्त हैं कि हमने यकीनन इस चांद पर दक्षिणी ध्रुव के नीचे
ऐसा वातावरण या क्षेत्र पा लिया है जो सजीव प्राणियों के लिए अनुकूल है।
वहां पर सजीव प्राणी हैं या नहीं, यह एक अलग विषय है और इसके लिए हमें
एनसेलेडस पर अंतरिक्षयान की निकट भविष्य में वापसी की प्रतीक्षा करनी होगी।
ताकि वह इस सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हो। मगर, इस बीच मैं आपको उस
दिन की कल्पना करने के लिए आमंत्रित करती हूं जब शायद हम शनि के उपग्रहमंडल
की यात्रा करें। उस दिन की जब एनसेलेडस के गीज़र पार्क में भ्रमण करें
क्योंकि हम यह कर सकते हैं।
सरल हमेशा जटिल के उस पार ही मिलता है
Bhaskar News | Dec 14, 2012, 00:10AM IST
स्पीकर- एरिक बलरे
प्रोफाइल : पारिस्थितिक तंत्र विज्ञानी व नेटवर्क साइंटिस्ट।
TED पर अब तक 6,72,338 लोग सुन चुके हैं।
क्या आप कभी घबरा जाते हैं जब आपके सामने कोई मुश्किल समस्या आती है?
जटिल का मतलब हमेशा उलझाऊ नहीं होता। जैसे कि मेरे लिए, ओवन से ताजा निकला
बर्गर जटिल है, मगर केरी-अनियन-ग्रीन-ओलोव-पोप्पी-चीज़ से बनी ब्रेड उलझाऊ
है। अक्सर लोग रेखाचित्रों से भागते हैं। जब भी आप कोई चित्र देखें, तो मैं
चाहूंगा कि आप डरें नहीं। बल्कि उत्साहित हों और राहत महसूस करें। क्योंकि
इनसे आपको जटिल समस्या का सरल उत्तर मिलेगा।
एक बार मैंने एक डायग्राम देखा। ये था अफगानिस्तान में अमेरिका की
आतंकरोधी रणनीति का डायग्राम। कुछ महीने पहले ये न्यूयॉर्क टाइम्स के मुख्य
पृष्ठ पर छपा था। इतना जटिल होने के लिए उसी समय मीडिया ने इसे नकार
दिया।
इसका मकसद अफगान सरकार के लिए लोगों का समर्थन बढ़ाना था। ज़ाहिर है
कि समस्या जटिल है, मगर क्या ये उलझाऊ भी है? जब मैंने इसे टाइम्स के पहले
पन्ने पर देखा, तो मैंने सोचा, "बढ़िया। कुछ तो मिला जिससे मैं जुड़ाव
महसूस कर सकता हूं। इसे बैठ कर घंटों तक चबाया जा सकता है।" तो चलिए कूदते
हैं इसमें। जब मैनें इस रेखाचित्र को बिना डरे समझा, मात्र 24 सेकंड में वो
सब जान पाया जो शायद कई किताबें पढ़कर भी जान नहीं पाता।
मैं आपके साथ जटिलता के कुछ मुख्य सूत्र बांटता हूं। यह मैनें प्रकृति
का अध्ययन कर सीखा है। जो कई समस्याओं पर लागू हो सकते हैं। पहली है
जटिलता को सुलझा कर नमूने तैयार करें। उन प्रश्नों को पूछें जो शायद आप
पहले न पूछते। दूसरा जब आप कुछ पूर्वानुमानित करना चाहते हैं तब आप केवल उस
ही कड़ी पर ध्यान देते हैं जिसे आपने पहले से सोच रखा है। जब आप बाकी
आयामों को हटा कर सोचेंगे, तो आपका अनुमान सटीक नहीं होगा जितना कि पूरे
सिस्टम को एक साथ देखने पर होता। यानी जरूरी है आप सारी कड़ियों को देखें।
सोच को सीमित न रखें। वहीं से आप कई जटिल चीजों को आसानी से समझ पाएंगे।
अक्सर आप अपनी शोध की वस्तु के बस एक दो कदम ही पास जाते हैं। लेकिन
जितना आप जटिलता को स्वीकार करेंगे, उतनी ही संभावना बढ़ेगी आपके समस्या के
आसान उत्तर पाने की। सहजता अक्सर जटिलता के पार होती है। जब आप जटिलता को
स्वीकारेंगे तब आप गहरा उतर सकेंगे उन तहों तक जिनका महत्व ज्यादा होता है।
ऐसा उपहार जिससे बदल गई जिंदगी
Bhaskar News | Dec 13, 2012, 00:42AM IST
स्पीकर- स्टेसी क्रेमर
प्रोफाइल : ब्रांड स्ट्रेटेजी फर्म ब्रांडप्ले की संस्थापक।
TED पर अब तक 12,20,017 लोग सुन चुके हैं।
एक उपहार की कल्पना कीजिए। मैं चाहती हूं आप अपने दिमाग में इसकी एक
छवि बना लें। यह ज्यादा बड़ा नहीं है। गोल्फ बाल के आकार का है। कल्पना
कीजिये यह पैक हुआ कैसा दिखता होगा। इसके पहले मैं आप को दिखाऊं कि इसके
अंदर क्या है, मैं आपको बताना चाहूंगी कि यह अविश्वसनीय चीजें करेगा जो
सिर्फ आपके लिए होंगी।
यह आपके पूरे परिवार को एक साथ ले आएगा। आपको लोगों का स्नेह और
सराहना मिलेगी जो पहले ना मिली हो। आप उन दोस्तों और जान-पहचान के लोगों से
फिर जुड़ेंगे जिनसे काफी दिनों से बात नहीं हुई हो। अति स्नेह और प्रशंसा
आपको उत्साहित कर देगी।
यह पुन:निर्धारित करेगा कि आपके जीवन में क्या महत्वपूर्ण है। यह
आपके अध्यात्म और श्रद्धा की समझ को फिर से परिभाषित करेगा। आपमें अपने
शरीर के बारे में एक नई समझ और विश्वास जन्म लेगा। आपमें नायाब जीवन शक्ति
और ऊर्जा होगी। आपका शब्दकोष बढ़ेगा, नए लोगों से मिलेंगे, और दिनचर्या भी
ज्यादा बेहतर होगी। और इसे देखिए, आपको कुछ भी ना करने के लिए आठ हफ्तों तक
की छुट्टी मिलेगी। आप अनगिनत अच्छे -अच्छे व्यंजन खाएंगे।
बहुत बड़ी मात्रा में आप के पास फूल आएंगे। लोग आपसे कहेंगे कि "आप
अच्छे लग रहे हैं, क्या आपका कोई काम बचा है? " और आपके पास अच्छी दवाइयों
की जीवन भर की आपूर्ति होगी।
आप चुनौतीपूर्ण, प्रेरित और विनम्र होंगे। आपके जीवन का एक नया अर्थ
होगा। शांति, स्वास्थ्य शुद्धता, प्रसन्नता, निर्वाण । इसकी कीमत? 55,000
डॉलर। और यह एक बहुत बढ़िया सौदा है।
मुझे पता है अब आप इसे जानने के लिए तड़प रहे होंगे,आखिर क्या है यह
और आप इसे कहां पा सकते हैं। क्या अमेज़न इस बेचता है ? क्या इसके ऊपर एपल
का निशान है ? क्या इसके लिए कोई प्रतीक्षा सूची है? बिल्कुल नहीं। यह
उपहार मुझे करीब पांच महीने पहले मिला। जब यह पैक था उतना सुंदर नहीं था।
यह था, दिमाग का ट्यूमर, हेमनजियोब्लास्टोमा।
और अब जब मैं ठीक हो गई हूं, यह उपहार मैं आपके लिए बिल्कुल नहीं
चाहूंगी। मुझे नहीं लगता आप इसे पाना चाहेंगे । लेकिन इससे मेरा अनुभव नहीं
बदलेगा। इसने काफी गहराई से मेरा जीवन बदला उस तरह जैसा मैंने कभी सोचा
नहीं था। उन सभी तरीकों से जो मैंने आपको बताए। तो अब अगली बार जब आपका
सामना हो किसी अप्रत्याशित, अनचाही और अनिश्चित चीज़ से, सोचिये यह सिर्फ
एक उपहार हो सकता है। सिर्फ कुछ दिनों के लिए। जो पूरी जिंदगी के लिए काफी
होगा।
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