Tuesday, 16 October 2012

गेमिंग 10 साल बढ़ा दे जिंदगी



स्पीकर जेन मैक्गोनिगल
प्रोफाइल : गेम डिजाइनर जेन गेमिंग से जिंदगी बेहतर बनाने के उपाय सुझाती हैं।
क्यों पढ़ें: इसे अब तक 10,82,354 लोग ञ्जश्वष्ठ पर सुन चुके हैं।

मैं दुनिया की बेहतरी के लिए गेम को प्रभावी ताकत के तौर पर देखती हूं।

दो साल पहले एक दुर्घटना में मैं कन्कशन (दिमाग की नसों पर दबाव) का शिकार हो गई। डॉक्टर ने मुझे दिमाग को पूरी तरह से आराम देने को कहा। कुछ न करते हुए लगभग एक माह बीतने के बाद मैंने तय कर लिया कि या तो मैं खुद को मार डालूंगी या अपनी जिंदगी को गेम में बदल दूंगी। गेम ही क्यों? वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि हम जब गेम खेलते हैं, तो चुनौतियों का सामना अधिक रचनात्मकता से करते हैं। हममें आशावाद और दृढ़ता ज्यादा होती है। यही नहीं, हम दूसरों से मदद मांगने में हिचकिचाते नहीं। इस तरह मैंने ‘जेन द कन्कशन स्लेयर’ गेम तैयार किया। इसे खेलने के लिए मैंने अपनी जुड़वां बहन कैली को बुलाया। बाद में मेरे पति कियाशी भी इसमें शामिल हो गए। गेम खेलने की शुरुआत के कुछ दिन बाद चमत्कारिक ढंग से मेरा नैराश्य और चिंता कम हो गई। इसे मैंने ब्लॉग और वीडियो से ऑनलाइन शेयर किया, जिसके मुझे उत्साहवर्धक परिणाम मिले। कैंसर और अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को इस गेम ने राहत पहुंचाने का काम किया। वे पहले से ‘कहीं बेहतर’ महसूस कर रहे थे। उनके अपने मित्रों और रिश्तेदारों से संबंध भी सुधरे। मेरे गेम्स ने ‘पोस्ट ट्रॉमेटिक ग्रोथ’ को बढ़ावा दिया।

लेकिन यह कैसे संभव हुआ? मैंने वैज्ञानिक तरीका अपनाया तो पता चला कि गेमिंग से जुड़ी ‘पोस्ट ट्रॉमेटिक ग्रोथ’ के तीन पहलू हैं। निष्क्रिय न बैठे रहने से मस्तिष्क की सेहत सुधरती है। इच्छाशक्ति मजबूत होती है। सकारात्मक भाव उभरते हैं। इस तरह आप स्वयं को मजबूत बना जिंदगी में आने वाली चुनौतियों से निपटने को तैयार होते हैं। इसके बाद जिंदगी को मिलता है साढ़े सात मिनट का बोनस। रोज के हिसाब से इस बोनस से आप दस साल ज्यादा जिंदगी जी सकते हैं।

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