स्पीकर- अरियाना हफिंग्टन
प्रोफाइल : नींद के जादुई प्रभाव को बताने वाली अरियाना 'द हफिंग्टन पोस्ट' की एडीटर इन चीफ हैं। साथ ही कई किताबें भी लिख चुकी हैं।
TED पर इसे अब तक 9,58,154 लाख लोग सुन चुके हैं।
मेरा एक सुझाव है, जो अंदर सोई बड़ी कल्पनाओं या योजनाओं को परवाज दे सकता है। यह सुझाव है पर्याप्त नींद। मैंने अपनी नींद गंवाकर खुद इसके महत्व को जाना है। लगभग ढाई साल पहले थकान के कारण मैं बेहोश हो गई। मेरा सिर मेज से टकराया और मेरी ठुड्ढी की हड्डी टूट गई। आंख पर कई टांके आए। उस दौरान मैंने नींद के महत्व को समझने की शुरुआत की। मैंने नींद पर अध्ययन किया, डॉक्टरों और शोधकर्ताओं से मुलाकात की। अब मैं पुरजोर तरीके से कह सकती हूं कि एक सफल, ऊर्जावान और खुशहाल जिंदगी के लिए भरपूर नींद जरूरी है।
कैसे? आजकल कम नींद लेने और उसके बारे में डींगें हांकने की एक होड़ सी चल निकली है। अगर आप किसी से सुबह के नाश्ते पर मिलने के लिए आठ बजे का समय मांगें, तो उसका जवाब होगा 'आठ बजे, काफी देर हो जाएगी। फिर वह कहेगा, 'मैं तब तक एक गेम टेनिस खेलकर कुछ मीटिंग्स निपटा लूंगा। फिर आठ बजे मिलता हूं।
वास्तव में ऐसे लोग अपने को व्यस्त दिखाकर यह जताना चाहते हैं कि वे समय का बेहतर इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन हकीकत में ऐसा बिल्कुल नहीं है। हम ऐसे तमाम बड़े लोगों को जानते हैं, जिन्होंने बेहद गलत निर्णय किए। इस दिशा में हुए शोध बताते हैं कि अक्सर गलत निर्णय के मूल में पर्याप्त नींद न लेना होता है। ये बताते हैं कि अगर हम अच्छी नींद लेंगे, तो स्थितियों के परे जाकर कुछ चीजों को स्पष्ट देख सकेंगे। इसके आधार पर हम सही निर्णय कर सकेंगे।
मेरा मानना है कि नींद कम लेकर हम अपनी निर्णय क्षमता को ही कम करते हैं। पर्याप्त नींद लेने से हमारी विश्लेषण क्षमता विकसित होती है। हम चीजों को गहराई से देख और समझ पाते हैं। नींद अच्छी हो तो स्वभाव में भी नरमी रहती है। इससे आसपास का माहौल खुशगवार रहता है। बेकार का तनाव या दबाव पनप नहीं पाता। इन सभी से हमारी उत्पादकता बढ़ती है। अब जब हमारी उत्पादकता बढ़ेगी, तो परिणाम बेहतर आएंगे ही। इसे समझते हुए मेरा तो यही कहना है कि आप पर्याप्त नींद लें। अपनी बंद आंखों से उन अनोखे विचारों को मथ डालिए, जो रहने के लिहाज से दुनिया बदल सकते हैं। अपने को मशीन मत बनाइए। खुद के भीतर छिपी ताकत को पहचानिए और इसके लिए सबसे पहले नींद की ताकत को जानिए।
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