मरने से पहले मैं चाहती हूं कि..
स्पीकर- कैंडी चैंग
प्रोफाइल : आर्टिस्ट, डिजाइनर और अर्बन प्लानर कैंडी शहरों को और बेहतर बनाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ मिलकर प्रोजेक्ट चलाती हैं।
क्यों पढ़ें: इसे TED पर 7,49,668 लोग सुन चुके हैं
तीन साल पहले अपनी मां जैसी जोआन को खोने के बाद मैंने मृत्यु के बारे मैं बहुत सोचा। इसके बाद मुझे स्पष्ट हुआ कि जीवन में क्या महत्वपूर्ण है? फिर मैंने दोस्तों की मदद से अपने घर की एक बाहरी दीवार को विशाल बोर्ड में बदल दिया और उस पर लिखा कि ‘अपनी मृत्यु से पहले, मैं चाहता हूं कि..’ वाक्य पूरा करें। मकसद था कि राहगीर चॉक का टुकड़ा उठाएं और अपनी निजी भावनाओं को व्यक्त करें। अगले दिन वह दीवार मुझे संदेशों से भरी मिली। इस तरह से वह दीवार एक रचनात्मक स्थान बन गई। यह तरीका आपको अपने पड़ोसियों को समझने में मदद करता है। यह बताता है कि जिंदगी में वास्तव में क्या महत्वपूर्ण है?
मैंने यह प्रयोग कुछ साल पहले किया था और मुझे उत्साही लोगों से सैकड़ों संदेश प्राप्त हुए। अब ऐसी दीवारें दुनिया के तमाम देशों में बनाई गई हैं। इनमें कजाकिस्तान, द. अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेटीना जैसे देश शामिल हैं। मिलजुल कर हमने यह दर्शाया है कि सार्वजनिक स्थान कितने प्रभावशाली हो सकते हैं। ध्यान रखें कि हमारे पास दो सर्वाधिक अनमोल चीजें हैं- समय और हमारा दूसरों से संबंध। इस दौर में हम एक-दूसरे से कटते जा रहे हैं। जरूरी है कि हम यह याद रखें कि जिंदगी छोटी और नाजुक है। मृत्यु के बारे में बात करने से हम अक्सर हतोत्साहित होते हैं, परंतु मैंने समझा है कि मृत्यु की तैयारी कर आप खुद को मजबूत बना सकते हैं। इस तरह आप जिंदगी के लक्ष्य स्पष्ट करते हैं। इस तरह उम्मीदों, डर और कहानियों को बांटकर हम बेहतर जिंदगी जीने में एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं।
प्रोफाइल : आर्टिस्ट, डिजाइनर और अर्बन प्लानर कैंडी शहरों को और बेहतर बनाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ मिलकर प्रोजेक्ट चलाती हैं।
क्यों पढ़ें: इसे TED पर 7,49,668 लोग सुन चुके हैं
तीन साल पहले अपनी मां जैसी जोआन को खोने के बाद मैंने मृत्यु के बारे मैं बहुत सोचा। इसके बाद मुझे स्पष्ट हुआ कि जीवन में क्या महत्वपूर्ण है? फिर मैंने दोस्तों की मदद से अपने घर की एक बाहरी दीवार को विशाल बोर्ड में बदल दिया और उस पर लिखा कि ‘अपनी मृत्यु से पहले, मैं चाहता हूं कि..’ वाक्य पूरा करें। मकसद था कि राहगीर चॉक का टुकड़ा उठाएं और अपनी निजी भावनाओं को व्यक्त करें। अगले दिन वह दीवार मुझे संदेशों से भरी मिली। इस तरह से वह दीवार एक रचनात्मक स्थान बन गई। यह तरीका आपको अपने पड़ोसियों को समझने में मदद करता है। यह बताता है कि जिंदगी में वास्तव में क्या महत्वपूर्ण है?
मैंने यह प्रयोग कुछ साल पहले किया था और मुझे उत्साही लोगों से सैकड़ों संदेश प्राप्त हुए। अब ऐसी दीवारें दुनिया के तमाम देशों में बनाई गई हैं। इनमें कजाकिस्तान, द. अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेटीना जैसे देश शामिल हैं। मिलजुल कर हमने यह दर्शाया है कि सार्वजनिक स्थान कितने प्रभावशाली हो सकते हैं। ध्यान रखें कि हमारे पास दो सर्वाधिक अनमोल चीजें हैं- समय और हमारा दूसरों से संबंध। इस दौर में हम एक-दूसरे से कटते जा रहे हैं। जरूरी है कि हम यह याद रखें कि जिंदगी छोटी और नाजुक है। मृत्यु के बारे में बात करने से हम अक्सर हतोत्साहित होते हैं, परंतु मैंने समझा है कि मृत्यु की तैयारी कर आप खुद को मजबूत बना सकते हैं। इस तरह आप जिंदगी के लक्ष्य स्पष्ट करते हैं। इस तरह उम्मीदों, डर और कहानियों को बांटकर हम बेहतर जिंदगी जीने में एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं।
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